डा.वाघकी वाल पर आज का बहुचर्चित विषय फिलिस्तीन पर बात करेंगे । पहले तो हमास और फिलिस्तीन मे अंतर करना होगा । अभी तो करीब करीब सब ठीक ही चल रहा था । इजराइल के पूर्व प्रधानमंत्री श्री शेरान ने देश के विरोध के बावजूद गाजा पट्टी को फिलिस्तीन को सौंप दी । हमास ने अपने राजनीतिक लाभ के कारण फिलिस्तीन का उपयोग किया । आतंकवाद भी अपने राजनीतिक नफा नुकसान से ही तय होती है । हमास का इजराइल के हमले को नही देखना चाहिए पर इजराइल के कार्यवाई को ही देखना चाहिए । इजराइल मे जिस तरह से नॄशंसता से हमले हुए उसकी जितनी भर्त्सना की जाए कम है । वही इजराइल कोई शांति व अहिंसा के मार्ग पर चलने वाला देश नही है । जिस बुझदिली से कायरता से हमारे हुक्मरान ने मुंबई हमले को लिया उसका नतीजा यह निकला की आतंकवाद करने के लिए उन्हे लाइसेंस सा ही मिल गया । अहिंसा की नीति पर चलकर कौन सा शांति का माहौल इस देश को दे दिया । सरकार बदल गई नेता बदल गये नीतिगत फैसले बदल गए अब आतंकवाद नही दिख रहा है । शांतिपूर्ण रहकर चलकर चवालीस हजार किलोमीटर जमीन देकर भी कौन सा चीन बदल गया । फिर विषय पर पूर्व प्रधानमंत्री शेरान के द्वारा जमीन मिलने के बाद भी शांतिपूर्ण स्थिति क्यो नही बन पाई ? अभी हजार नागरिक को मारने के बाद कैसे माहौल शांतिपूर्ण रह सकता है ? लाखो नागरिक मारने के बाद भी शांतिपूर्ण अहिंसक का चूर्ण हमने ही चखा है जो आज तक चख रहे है । इस चूर्ण का पेटेंट तो इस देश के कुछ नेताओ व परिवार के पास रखा हुआ है । इसे तो शांति की गारंटी मान लिया गया है । अभी तो जी20 मे सब लोग गये थे कौन सा चल लिए ? इजराइल अपने अस्तित्व मे आया तब से इस समस्याओ से भुगत रहा है । इन परिस्थितियो ने ही उसे आत्म निर्भर बनाया वही अपने को वैज्ञानिक अनुसंधान कर देश को विकसित किया वही दुश्मन देश से सुरक्षित भी रखा । हमारे यहा के विपक्ष के नेताओ का स्टैंड न उनकी तथाकथित अहिंसा के सिद्धांत पर है न नीतियो पर है उनकी नजर सिर्फ वोटो की राजनीति पर है । निर्दोष नागरिक मारे जाए अपनी बला से पर वोट का नुकसान नही होना चाहिए। इजराइल जब तक अपना बदला न ले ले तबतक वह नही छोडने वाला है । किसी भी हिंसक कार्रवाई का अहिंसक जवाब कायरता के भी श्रेणी मे आती है बस देखने का नजरिया है । इजराइल सही रास्ते पर चल रहा है हमे भी इसी राह चलने की आवश्यकता है । वही विपक्ष अपने घृणित वोट बैंक पालिटिक्स से उपर उठकर मानवीय संवेदनाओ को भी देखे और न्याय करे । फिलिस्तीन के साथ सरकार है पर हमास के साथ नही।
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