कनाडा में भारत विरोधी गतिविधियां, नफरत फैलाने वाले अपराध और आपराधिक हिंसा लगातार बढ़ रही है। ऐसे में कनाडा में रह रहे भारतीय नागरिकों को लेकर चिंता पैदा हो गई हैं। इन्हीं चिंताओं को देखते हुए भारत सरकार ने हाल ही में एक एडवायजरी जारी की थी, जिसमें कनाडा में रह रहे भारतीयों को अतिरिक्त सावधानी बरतने को कहा गया था। प्रमुख रूप से भारतीय छात्रों को अत्यधिक सतर्क रहने की सलाह दी गई है। साथ ही भारतीयों को ऐसे इलाकों या जगहों पर जाने से बचने को कहा गया था, जहां भारत विरोधी घटनाएं हो रही हैं ।भारत सरकार के विदेश मंत्रालय (MEA) ने भारतीय नागरिकों और छात्रों को ओटावा में भारतीय उच्चायोग या टोरंटो और वैंकूवर में भारत के महावाणिज्य दूतावासों के साथ संबंधित वेबसाइट्स के माध्यम से रजिस्टर होने का निर्देश दिया है। वे चाहें तो MADAD पोर्टल-madad.gov.in के माध्यम से भी रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। किसी भी तरह की शिकायत करने या भारतीय छात्रों के लिए मदद पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करने के लिए इन स्टेप्स को फॉलो करना होगा…
आधिकारिक वेबसाइट-madad.gov.in पर जाएं।
‘रजिस्ट्रेशन ऑफ इंडियन स्टूडेंट्स अब्रॉड’ विकल्प पर क्लिक करें।
अपना नाम, जन्मतिथि, ईमेल आईडी जैसी डिटेल भरें।
एक बार रजिस्ट्रेशन होने के बाद, आईडी और पासवर्ड की मदद से फिर से लॉग इन करें।
और अधिक डिटेल्स ऐड करने के लिए ‘मैनेज प्रोफाइल’ पर क्लिक करें।
इसके बाद ‘मैनेज कोर्स डिटेल्स’ पर क्लिक करके कोर्स और इंस्टीट्यूट की डिटेल्स डालें।
रजिस्ट्रेशन प्रॉसेस पूरी हो जाने के बाद छात्र या अन्य शिकायतकर्ता उन मुद्दों को दर्ज कर सकते हैं, जिनका वे सामना कर रहे हैं। पोर्टल पर मौजूद जानकारी के अनुसार इसके बाद अधिकारी, छात्रों या शिकायतकर्ता की समस्या को हल करने की पूरी कोशिश करेंगे। विदेश मंत्रालय ने कनाडा में सभी भारतीय नागरिकों और यात्रा पर विचार कर रहे लोगों से अत्यधिक सावधानी बरतने को कहा है।
संबंधों में बढ़ रहा तनाव :-
कनाडा में भारतीय नागरिकों और छात्रों के लिए यह सलाह खालिस्तान चरमपंथ को लेकर दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव के बीच आई है। कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने दावा किया कि खालिस्तान टाइगर फोर्स के प्रमुख हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के पीछे “विदेशी शक्तियां” थीं। इसके बाद कनाडा ने भारतीय डिप्लोमैट को बर्खास्त कर दिया तो भारत ने भी जवाबी फैसला लेते हुए मंगलवार को कनाडा के एक डिप्लोमैट को पांच दिनों के भीतर भारत छोड़ने को कहा है।
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