खारुन का रौद्र रूप, पुल से 3 फीट ऊपर बह रहा पानी
रायपुर-अमलेश्वर पाटन मार्ग आज भी बंद
स्थानीय स्तर रेसक्यू कार्य जारी
अमलेश्वर। 36 घंटे की बारिश ने अमलेश्वर के कई वार्डों में प्रवेश किया। लेकिन अब बारिश थमने के बाद हालात सामान्य होने लगे है। भोथली, अमलेश्वर, खुड़मुड़ा और जमराव जैसे इलाकों में अब स्थिति सामान्य होने लगी है। जिन लोगों को बाढ़ के पानी से दूसरे जगह ठहराया गया था उनके खाने और रहने का इंतजाम स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों द्वारा की गई है।
खारून नदी में लगातार बढ़े जलस्तर के कारण अमलेश्वर के महादेव घाट क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। आज 27 सितंबर की सुबह 6 बजे की स्थिति में महादेव घाट स्थित खारून नदी का पानी पुल से लगभग 3 फीट ऊपर बह रहा है। इसके चलते रायपुर से अमलेश्वर मुख्य मार्ग पर आवागमन पूरी तरह प्रभावित है और मार्ग आज भी बंद रहने की स्थिति बनी हुई है।
बाढ़ के कारण नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की परेशानियां बढ़ गई हैं। प्रशासन द्वारा स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है तथा प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था की गई है। बाढ़ प्रभावित भोथली, अमलेश्वर, खुड़मुड़ा और जमराव सहित अन्य क्षेत्रों में प्रशासन एवं समाजसेवियों द्वारा राहत कार्य चलाया जा रहा है। प्रभावित लोगों के लिए स्कूल, आंगनबाड़ी, पंचायत भवन एवं सामाजिक भवनों को अस्थाई आश्रय स्थल के रूप में उपयोग किया जा रहा है। इन स्थानों पर प्रभावित परिवारों के लिए भोजन की व्यवस्था भी की जा रही है।
पाटन sdm उत्तम ध्रुव ने बताया आज भी बारिश के कारण जो लोग निचली बस्तियों में फंसे हुए हैं उनको स्थानीय प्रशासन और sdrf की टीम के सहयोग से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा जा रहा है तथा उनके रहने और भोजन की व्यवस्था की जा रही है उन्होंने बताया कि फिलहाल बारिश का पानी अब धीरे-धीरे कम होने लगा है लेकिन महादेव घाट पुल अभी भी 3 फीट खतरे
के निशान से ऊपर चल रहा है।
अमलेश्वर पालिका के इंजिनियर ढालेंद्र सिंह ठाकुर ने बताया कि 70 से 80 लोगों को भोथली के सामाजिक, सामुदायिक और स्कूल भवन ठहराया गया है तथा अमलेश्वर पालिका की ओर से इनके रहने खाने का व्यापक इंतजाम किया गया है।
वार्ड 13 की पार्षद सेवती निषाद ने बताया कि लगातार बारिश से वार्ड के कई घर प्रभावित हुए थे जिन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया है और उनके खाने रहने का समुचित इंतजाम किया गया है।
वार्ड क्रमांक 3 के पार्षद राजू सोनकर ने बताया कि निचले स्तर पर बारिश का पानी अधिक होने के कारण स्थानीय लोगों को पीतांबरा भवन में कराया गया था अभी भी लोग वहां पर हैं तथा उनके रहने खाने की व्यापक व्यवस्था की गई है।
प्रशासन ने लोगों से नदी एवं बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से दूर रहने तथा बिना आवश्यक कार्य के बंद मार्गों पर आवागमन नहीं करने की अपील की है।







