बेमेतरा । रायपुर। छत्तीसगढ़ की माटी की खुशबू और यहाँ की मीठी बोली ‘छत्तीसगढ़ी’ को और अधिक समृद्ध करने के लिए एक ऐतिहासिक आयोजन होने जा रहा है। छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग द्वारा 26 और 27 सितंबर 2026 को बेमेतरा में ‘दसवां प्रांतीय सम्मेलन’ का भव्य आयोजन किया जा रहा है। यह दो दिवसीय साहित्यिक और सांस्कृतिक महाकुंभ कवर्धा रोड स्थित ‘होटल द किंग्स महल’ में आयोजित होगा, जहाँ प्रदेश भर के दिग्गज साहित्यकार और भाषा-प्रेमी जुटेंगे।
दिग्गजों का लगेगा जमावड़ा
सम्मेलन के उद्घाटन सत्र (26 सितंबर) में ‘माई पहुना’ (मुख्य अतिथि) के रूप में प्रदेश के उपमुख्यमंत्री अरुण साव शिरकत करेंगे। इस गरिमामयी समारोह की अध्यक्षता संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल करेंगे, जबकि अति विशेष अतिथियों में मंत्री दयाल दास बघेल और दुर्ग सांसद विजय बघेल एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में नीलू शर्मा अध्यक्ष पर्यटन बोर्ड, दीपेश साहू विधायक बेमेतरा, ईश्वर साहू विधायक साजा, प्रहलाद रजक अध्यक्ष रजक कल्याण बोर्ड, अवधेश चंदेल पूर्व विधायक बेमेतरा, कल्पना तिवारी अध्यक्ष जिला पंचायत बेमेतरा, एवं विजय सिन्हा अध्यक्ष नगर पालिका परिषद बेमेतरा सहित कई नामचीन हस्तियां मौजूद रहेंगी।
सम्मेलन के प्रमुख और रोचक आकर्षण (सत्र):
यह सम्मेलन सिर्फ पारंपरिक विमर्श तक सीमित नहीं है, बल्कि भाषा को आधुनिक युग से जोड़ने का एक शानदार प्रयास है। कुल नौ सत्रों में बँटे इस कार्यक्रम की कुछ प्रमुख झलकियां इस प्रकार हैं:
तकनीक और छत्तीसगढ़ी में एआई का दौर : तीसरे सत्र में ‘सोशल मीडिया, प्रिंट मीडिया और ए.आई एआई मे छत्तीसगढ़ी’ विषय पर विशेष मंथन होगा, जो यह तय करेगा कि हमारी लोकभाषा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल दुनिया में कैसे अपने कदम बढ़ाए।
व्याकरण और शब्दकोश का निर्माण: दूसरे दिन (27 सितंबर) छत्तीसगढ़ी भाषा के व्याकरण, मानकीकरण और एक वृहद शब्दकोश के निर्माण पर विद्वानों द्वारा गंभीर चर्चा की जाएगी, जो भाषा को और अधिक प्रामाणिक बनाएगी।
विरासत और साहित्य: ‘पुरखा के सुरता’ (पूर्वजों की याद) में बेमेतरा में जन्मे और विश्व में अपने नाम का कीर्तिमान स्थापित करने वाले हास्य के धुरंधर पद्मश्री डॉ. सुरेंद्र दुबे के साथ-साथ अनेकों पुरखा के साहित्यकारों की याद में आयोजित सत्र तथा छत्तीसगढ़ी में गद्य साहित्य, अनुवाद परंपरा और बाल साहित्य को बढ़ावा देने के लिए विशेष सत्र आयोजित होंगे।
कविताओं की सजेगी महफ़िल: पहले दिन की शाम (26 सितंबर) एक शानदार ‘छत्तीसगढ़ी कवि सम्मेलन’ के नाम रहेगी, जिसमें अंचल के मशहूर कवि अपनी रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध करेंगे।
11 मूर्धन्य साहित्यकारों का होगा सम्मान
इस प्रांतीय सम्मेलन के मंच से छत्तीसगढ़ी साहित्य में अपना अमूल्य योगदान देने वाले 11 वरिष्ठ साहित्यकारों को सम्मानित भी किया जाएगा। इनमें श्री सी.पी. तिवारी “सावन” (बेमेतरा), श्री श्याम कश्यप (सरगुजा), श्री मयाराम नेताम (बस्तर) सहित कई अन्य दिग्गज साहित्यकारों के नाम शामिल हैं।
छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग के अध्यक्ष प्रभात मिश्रा और सचिव डॉ. अभिलाषा बेहार ने प्रदेश के सभी साहित्यकारों, रचनाकारों और भाषा-प्रेमियों से इस महा-सम्मेलन में भारी संख्या में पहुँचने की अपील की है। निश्चित रूप से, बेमेतरा में होने जा रहा यह प्रांतीय सम्मेलन छत्तीसगढ़ी भाषा और संस्कृति को नई ऊंचाइयों पर ले जाने में एक मील का पत्थर साबित होगा।
आयोजन क़ो लेकर छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग जिला समन्वयक रामानंद त्रिपाठी के संयोजन में 24 सितंबर क़ो गूगल मिट के माध्यम से ऑनलाइन बैठक की गयी। जिसमें परिवहन, पंजीयन, अतिथि स्वागत मंचीय व्यवस्था, भोजन, आवास आदि क़ो लेकर चर्चा की गयी। जिसमें रामानंद द्वारा बताया गया कि आयोजन क़ो लेकर 25 सितंबर की शाम से ही जिले के स्थानीय साहित्यकारों का एकत्रित होना प्रारम्भ हो जायेगा। गूगल मिट में हुए मीटिंग में रामानंद त्रिपाठी, डॉ. गोकुल बंजारे “चंदन”, जगदीश सोनी, ईश्वर साहू आरुग, मनोज पाटिल “मणि”, कमलेश वर्मा, कृष्णा भारतीय, ताकेश्वर साहू, नारायण प्रसाद वर्मा, सुरेश सरल, दीपक निषाद, मनिदास मानिकपुरी, बलदाउ साहू,पंकज शर्मा, लीलेश्वर देवांगन, निधि साहू, सरस्वती साहू, अंजनी वर्मा, मानसी मानस, राजकुमार निषाद राज, विकास कश्यप आदि शामिल रहे।







